पुराना किला का इतिहास हिंदी में | history of purana qila in hindi
दिल्ली का पुराना किला
दिल्ली का पुराना किला एक रहस्य किला है क्योंकि कुछ इतिहासकारों का यह कहना है की महाभारत के समय में पांडवों की राजधानी इंद्रप्रस्थ था, इंद्रप्रस्थ महाभारत के समय में एक नगर भी था और पांडवों की राजधानी भी था जो प्राचीन काल से ही पुराने किले के अंदर ही इंद्रप्रस्थ नगर बसा था लेकिन बाद में हुमायूँ ने इंद्रप्रस्थ नगर का नामोनिशान मिटा दिया हूँ,और दीनपनाह नाम का शहर बसाया,हुमायूँ और शेरशाह के बीच में यूद्ध हुआ था लेकिन हुमायूँ शेरशाह शाह सूरी से हार गया था उसके बाद शेर शाह सूरी ने दीनपनाह शहर को नष्ट कर दिया था,एक समय था जब पुराने किले का नाम दीनपनाह शहर हुआ करता था
बाबर के चार बेटे में से एक बेटा था हुमायूँ,हुमायूँ का जन्म 6 मार्च 1508 में हुआ था बाबर के मौत के बाद 29 दिसंबर 1530 में आगरा के किले में हुमायूँ को सिंहासन पर बैठा दिया गया,फिर आगरा और दिल्ली का सिंहासन संभालने लगा,हुमायूँ ने 1533 में दीनपनाह नाम का शहर बनाया जो आज के समय में दिल्ली का पुराना किले के नाम से मशहूर है
हुमायूँ के साथ कौन-कौन सा युद्ध हुआ था?,हुमायूँ के साथ देवरा युद्ध 1531 में,चौसा युद्ध 1539 में,बिलग्राम युद्ध 1540 में,सरहिंद का युद्ध 1555 में,यह चार युद्ध हुमायूँ के समय में महत्वपूर्ण युद्ध था कुछ युद्ध हुमायूँ ने बुरी तरह हारे और कुछ युद्ध जीते,देवरा और सरहिन्द का युद्ध हुमायूँ जीत गया था लेकिन चौथा युद्ध और बिलग्राम युद्ध में शेर शाह सुरी से हुमायूँ हार गया था और खासकर बिलग्राम युद्ध में हुमायूँ को भारत छोड़ना पड़ा और कई वर्षों बाद जब 1545 में शेरशाह सूरी का देहांत हो गया था उसके बाद हुमायूं ने 1555 में शेरशाह सूरी के उत्तराधिकारी सिकंदर सूरी पर हमला कर दिया,शेरशाह सूरी के उत्तराधिकारी इतने मजबूत नहीं थे और युद्ध के दौरान वो हार गये थे
पुराने किले का रहस्य:-
पुराना किला रहस्य इसलिए है क्योंकि 5000 साल पहले महाभारत के समय में पांडवों की राजधानी इस किले के अंदर ही था,लेकिन हुमायूँ के शासन काल में इस किले का नाम दीनपनाह रख दिया गया था उस समय हुमायूँ का शासनकाल चल रहा था,शेरशाह सूरी और हुमायूं के बीच युद्ध हुआ और हुमायूँ हार गया उसके बाद शेरशाह सूरी ने दीनपनाह नाम का शहर को नष्ट कर दिया और इसके बाद पुराने किले के अंदर ही कुहना मस्जिद और कुछ इमारतों का निर्माण किया लेकिन शेरशाह सूरी के मौत के बाद हुमायूँ ने फिर शेरशाह सूरी के उत्तराधिकारी पर हमला किया उसके बाद हुमायूँ जीत गया था,हुमायूँ जीतने के बाद फिर से अपनी राजगद्दी संभाला उसके बाद पुराने किले का पुर्ण निर्माण करवाया इसीलिए कहा जाता है पुराने किले को शेरशाह सूरी ने भी बनवाया और हुमायूँ ने भी,इन दोनों ने ही पुराने किले का निर्माण किया था
पुराने किले का निर्माण में दो जनों का योगदान था शेरशाह सूरी और हुमायूं लेकिन ऐसा माना जाता है की 1538 से 1545 के बीच में शेरशाह सूरी ने पुराने किले का निर्माण किया था,लेकिन शेरशाह सूरी के निर्माण से पहले ही दीनपनाह नाम का शहर बसाया था हुमायूँ ने,और इससे 5000 साल पहले ही पांडवों की राजधानी इंद्रप्रस्थ था जो पुराने किले के अंदर था लेकिन पुराना किला एक रहस्यम किला है लेकिन साहित्य के हिसाब से देखा जाये तो महाभारत के समय की यह पांडवों की राजधानी थी इंद्रप्रस्थ जो आज के समय पुराने किले के नाम से भी जाना जाता है
1955 में पुराने किले में जब पूर्वी हिस्से में खुदाई हुई तो कुछ भूरे रंग के बर्तनों के टुकड़े मिले लेकिन फिर 1969 और 1973 में जब पुराने किले के अंदर खुदाई के दौरान फिर से रंगीन वाले बर्तन मिले जो टुकड़ों में बिखरे थे,लेकिन महाभारत के समय का कोई परिणाम नहीं मिला,सन् 2014 में मौर्यवंश और मुगलवंश के कुछ अवशेष मिले हैं जो भूरे रंग के बर्तन और मौर्य शुंग गुप्त,कुषाण,गुप्त,राजपूत,सल्तनत आदि के अवशेष मिले हैं और मौर्यकालीन का कुआँ भी है तो 2000 साल पुराना है गुप्तकालीन के घरों की निशानी भी है
पुराने किले के अंदर क्या-क्या है?
पुराने किले के अंदर स्नानागार,कुहना मस्जिद,शेरमंडल,तलाकी दरवाज़ा, हुमायूं का दरवाजा,पुरातत्व संग्रहालय
.कुहना मस्जिद
पुराने किले के अंदर ही कुहना मस्जिद है|कुहना मस्जिद का निर्माण शेरशाह सूरी ने सन् 1541 में किया था इस मस्जिद में काले संगमरमर का पत्थर और सफेद संगमरमर का पत्थर और पीले और लाल बलुआ का प्रयोग किया गया है इस मस्जिद को बनाते समय नक्काशी पर विशेष कर ध्यान दिया गया है, क्योंकि कुहना मस्जिद को बेहद खूबसूरत बनाता है यह छोटी-छोटी नक्काशी और मस्जिद पर लगी संगमरमर के पत्थर,कुहना मस्जिद के पास में ही एक कुआँ है जो 2000 साल पुराना है शायद उस समय पानी का प्रयोग के लिए कुआँ का निर्माण किया गया था जैसे नहाना धोना,पानी पीना,खाना बनाने के लिए प्रयोग में पानी,आदि दैनिक कार्यों में पानी का बड़ा ही महत्व था और बड़ा ही महत्व है
.हमाम(स्नानागार घर)
मुगल के समय में स्नानाघर को हमाम कहते थे हमाम का मतलब है स्नानाघर जहाँ पर राजा और रानी नहाते थे,पुराने किले के अंदर एक हमाम है जो उस समय का स्नानघर था जहाँ पर राजा से लेकर शायद अन्य राजा भी नहाते थे,हमाम का प्रयोग केवल रानी या शाही परिवार के लोग ही करते थे क्योंकि आम नागरिक उस समय हमाम का प्रयोग नहीं करता था केवल राजा ही स्नानगृह का प्रयोग और रानी करा करती थी और साही परिवार के लोग ही हमाम का प्रयोग करते थे,जहाँ पर भी राजा महाराजा का वास होता था वहाँ पर हमाम घर जरूर होता था
.शेरमंडल
पुराने किले के अंदर है एक शेरमंडल है जिस पर से हुमायूँ 1 जनवरी 1556 में सीढ़ियों गिरकर मर गए थे,हुमायूं के समय पुराने किले के अंदर शेर मंडल एक संग्रहालय था जहाँ पर राजा हुमायूं कभी- कभी संग्रहालय में प्रवेश करते थे और वहीं पर पुस्तक आदि का अध्ययन करते थे,लेकिन कहा जाता है कि शेर मंडल पर चढ़कर राजा हुमायूँ किताब पढ़ रहे थे फिर अचानक सीढ़ियों से नीचे आते समय उनका पाँव फिसल गया और नीचे गिरते हैं कुछ दिन बाद उनकी मौत हो गया
.तलाकी तरवाजा
तलाकी दरवाज़ापुराने किले के अंदर ही एक तलाकी दरवाजा है जो बेहद ही खूबसूरत है, तलाकी के दरवाजे के ऊपर वाले हिस्से में भी एक दरवाजा है और एक सीढ़ियों के नीचे से गुजरता हुआ भी एक दरवाजा है तलाकी दरवाजा के पीछे अगर आप देखोगे तो जंगल ही जंगल नजर आयेगें,तलाठी दरवाजा में संगमरमर का पत्थर नक्काशी लाल बलुआ पत्थर आदि का प्रयोग किया गया है जो बेहद ही खूबसूरत बनाता है तलाकी दरवाजा के अगल बगल में ही छोटे-छोटे आकार का द्वार है और एक किले से घिरा हुआ है और किले के अंदर तरफ चारों ओर दरवाजा है
.हुमायूँ का दरवाज़ा
हुमायूँ का दरवाज़ा
हुमायूँ का दरवाजा हुमायूँ ने बनवाया था यह पुराने किले के अंदर ही है जो तलाकी दरवाजा से मिलता जुलता है क्योंकि दोनों की नक्काशी और लाल बलुआ पत्थर एक जैसे ही है इसीलिए तलाठी दरवाजा से काफी ज्यादा मिलता जुलता है हुमायूँ के दरवाज़े के अगल-बगल में भी किले से घिरा हुआ है छोटे छोटे आकार का घर जैसा इमारत चबूतरा जैसा ऊपर के हिस्से में बना हुआ इसके पीछे नीचे पानी का तालाब है जो देखने में बेहद ही खूबसूरत लगता है
.पुरातत्व संग्रहालय
पुरातत्व संग्रहालय
इस संग्रहालय के अंदर तीन ईसा पूर्व से लेकर मौर्य काल और मुगल काल के परिणाम मिलते हैं,प्राचीनकाल में संस्कृति रही होगी जिसमें मृत्युदंड का प्रयोग किया जाता था मृत्युदंड का मतलब है वह कानूनी रूप से किसी को दंड देना,पुरातत्व संग्रहालय और पुराने किले की स्थापना 1973 में हुई थी क्योंकि सन 1969 से 1973 तक संग्रहालय को प्रचलित किया गया था यहाँ पर किले के प्राचीन इतिहास और पुरातत्व को जानने के लिए लोग संग्रहालय में प्रवेश करते है,पुराने किले का मुख्य द्वार में जब आप प्रवेश करोगें तो बगल में ही पुरातत्व संग्रहालय है जिसकी टिकट 5रु है
दिल्ली का पुराने किले का टिकट कितना है?
टिकट घरअगर इस चित्र के हिसाब से देखा जाए तो हर आदमी पर ₹20 टिकट लगेगा वह भी ऑनलाइन टिकट कटवाने पर ही,अगर आप ऑफलाइन से टिकट लेते हो तो आपको ₹25 देने होंगे क्योंकि ऑफलाइन टिकट का ₹25 है,10 साल के बच्चे का कोई टिकट नहीं है और 12 साल के बच्चे का टिकट है और परिवार साथ ही 12 साल के बच्चे को जाने दिया जाएगा वैसे नहीं जाने दिया जाए,और एक बात यह भी है कि अगर आप ने ऑफलाइन टिकट लिये हो तो आपको एक टोकन मिलेगा,अगर वो टोकन को आप खो देते हो तो आपको ₹100 का जुर्माना देना पड़ेगा,जिस तरह मेट्रो में टोकन का प्रयोग होता है उसी तरह ऐतिहासिक स्थलों पर भी यह नियम लागू कर दिया गया
भारतिय नागरीक
ऑफलाइन टिकट=25रू
ऑनलाइन टिकट=20
बच्चों की टिकट=10 साल के बच्चे का कोई टिकट नहीं है
विदेशी
बच्चे का टिकट=10 साल के बच्चे का कोई टिकट नहीं है
विदेशी नागरिक का टिकट=300रू
पुराना किला कब कब खुलता है?
अप्रैल से दिसंबर तक सुबह के 7:00 से और 8:00 बजे तक खुला रहता है अक्टूबर से मार्च तक सुबह के 6:00 से लेकर 7:00 बजे तक खुला रहता
दिल्ली का पुराना किला कहाँ है?
चिड़ियाघर और पुराना किला का बस नंबर
दिल्ली का पुराना किला चिड़ियाघर के बगल में ही है अगर आप दिल्ली का पुराना किला आना चाहते हो तो बस नंबर जो इस चित्र पर दिखाया गया है यह दिल्ली का पुराना किला का बस स्टॉप का है जहाँ पर चिड़ियाघर और पुराना किला दोनों एक ही जगह पर है बस स्टॉप,अगर आप मेट्रो से आ रहे हो तो पास में ही सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन पड़ता है आप वहीं उतर कर रिक्शा या ऑटो पकड़ कर या फिर बस से भी आ सकते
पुराना किला और चिडियाघर जाने वाली कौन-कौन सी बस है
बस नम्बर,274,374,402CL,403,404,405,405A,410,411,418A,
429,425,447,893,
- प्रश्न और उत्तर
- प्रश्न पुराना किला कहाँ पर है?
- उत्तर नई दिल्ली
- प्रश्न पुराना किला एक रहस्य किला क्यों है?
- उत्तर पुराना किला एक रहस्य किला इसलिए है क्योंकि कुछ इतिहासकारों का यह कहना है की महाभारत के समय पांडवों की राजधानी इंद्रप्रस्थ था जो वर्तमान में पुराना किले के नाम से मशहूर है लेकिन 5000 साल पहले यह पुराना किला पांडवों की राजधानी था लेकिन मध्यकालीन इतिहास के हिसाब देखा जाये तो सन् शेरशाह सूरी और हुमायूँ ने पुराने किले पर राजगद्दी संभाला था
- प्रश्न पुराने किले का निर्माण कब हुआ था?
- उत्तर 1540 से लेकर 1545 बीच में शेरशाह सूरी ने बनवाया था
- प्रश्न मस्जिद किसने बनवाया था?
- उत्तर शेरशाह सूरी ने सन् 1541
- प्रश्न शेरशाह सूरी कब मरा था?
- उत्तर 1545
- प्रश्न हुमायूँ किसके बेटे थे?
- उत्तर बाबर के
- प्रश्न हुमायूँ कब मरा था?
- उत्तर 1 जनवरी 1556 में
- प्रश्न हुमायूँ कहाँ से गिरकर मारा था?
- उत्तर दिल्ली का पुराने किले के अंदर ही शेरमंडल जहाँ से हुमायूँ गिरकर मरा था, हुमायूँ के समय में शेर मंडल एक संग्रहालय था उस समय संग्रहालय की सीढ़ियों से गिरकर हुमायूँ का मौत हो गया था
- प्रश्न पुराने किले का पुराना नाम क्या था?
- उत्तर दीनपनाह
- प्रश्न हमाम का अर्थ क्या है?
- उत्तर हमाम का मतलब है स्नानागार
- प्रश्न हुमायूँ का कब्र कहाँ है?
- उत्तर हुमायूँ का क़ब्र है हुमायूँ के मकबरे के अंदर है जो वर्तमान में दिल्ली शहर में है
- प्रश्न दीनपनाह शहर किसने नष्ट किया था?
- उत्तर शेरशाह सूरी ने










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